दुनिया का सातवां सबसे बड़ा सोशल नेटवर्क मार्केट होने की वजह से भारत में भी ‘सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट’ की डिमांड बढ़ गई है। मा फोई के मुताबिक, वर्ष 2012 के अंत तक 10,000 सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट की जरूरत होगी। क्यों बढ़ रही है सोशल एक्सपर्ट की जरूरत?
आज के यूथ में सोशल मीडिया के प्रति जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। मगर यह जानकर आपको थोड़ी हैरानी हो सकती है, सोशल मीडिया के प्रति आपका लगाव आपको जॉब भी दिया सकता है। दरअसल, सोशल मीडिया की बढ़ती पॉपुलरिटी के कारण कंपनियां ‘सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट’ को हायर करने की प्लानिंग कर रही है, जो नेटवर्किंग साइट पर प्रोडक्ट की लॉन्चिंग, कंज्यूमर के साथ कम्युनिकेट और रिसर्च जैसा काम कर सके। एक बड़ी कंपनी में सोशल मीडिया एग्जिक्यूटिव के तौर पर काम करने वाले राजेश का कहना है कि उनका काम फेसबुक पर अपने क्लाइंट को आकर्षित करना है। साथ ही, फेसबुक, ट्विटर पर लोगों के पोस्ट का जवाब देते हैं। आज के दौर में सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट की डिमांड की बात करें, तो आईटीईसी फर्म 24/7 ने बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए पिछले नौ महीनों में 1000 सोशल मीडिया एक्सपर्ट को हायर किया है। कंपनी की प्लानिंग अगले एक साल में 5000 स्पेशलिस्ट को हायर करने की है। आईटी कंपनी जैनपेक्ट ने हाल में मीडिया रिसर्च फर्म एमपॉवर रिसर्च का अधिग्रहण किया है। कंपनी में काम करने वाले 75 फीसदी एम्प्लाई सोशल मीडिया स्पेस पर काम करते हैं। अगर दूसरी कंपनियों की बात करें, तो यूबी ग्रुप, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, कैनन, फ्यूचर ग्रुप आदि की योजना सोशल मीडिया एक्सपर्ट को तेजी से हायर करने की है। मा फोई के एमडी और सीईओ ई बालाजी का कहना है कि सोशल मीडिया एक्सपर्ट को हायर करने का ट्रेंड कंज्यूमर ऑरिएंटेड सेक्टर, जैसे- एविएशन, रिटेल, टेलीकॉम, कंज्यूमर गुड्स, बैंकिंग एेंड फाइनेंशियल में खूब देखा जा रहा है। उनका कहना है कि बीपीओ कंपनियां भी कस्टमर सर्विस के लिए एेसे लोगों को हायर कर रही हैं। मा फोई की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2012 तक 10,000 सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट की जरूरत होगी। यदि पश्चिमी देशों के ट्रेंड को देखें, तो वहां यह ट्रेंड पिछले दो-तीन वर्षों से चला आ रहा है। अमेरिकी एयरलाइंस कंपनी साउथवेस्ट एयरलाइन के पास ‘चीफ ट्विटर ऑफिसर’ हैं, जो ट्विटर और फेसबुक पर कमेंट्स को मॉनिटर करते हैं। कम्प्यूटर कंपनी डेल की बात करें, तो यहां तकरीबन 5000 सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट काम करते हैं, जो कंपनी से संबंधित पोस्ट को ट्रैक करते हैं। कंपनी की प्लानिंग अपनी सोशल मीडिया लिस्निंग सेंटर को विस्तार करनी की है।
अगर भारत की बात करें, तो यहां भी सोशल स्पेशलिस्ट लोगों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। यूबी ग्रुप का ‘किंगफिशर पेज’ फेसबुक पर लिकर सेगमेंट में दूसरा सबसे पसंद किया जाने वाला पेज है। वहीं यह ग्रुप अपने मार्केटिंग बजट का तकरीबन 2 फीसदी सोशल मीडिया पर खर्च करती है।
अब आईटीईएस कंपनियां भी अपने क्लाइंट के लिए सोशल मीडिया सर्विस ऑफर करने पर विचार कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया सर्विस 50-80 फीसदी की दर से बढऩे की संभावना है। जानकारों की मानें, तो इसी दर से एम्प्लाइज की भी हायरिंग हो सकती है। कई कंपनियां एेसे ग्रेजुएट को हायर करने की प्लानिंग बना रही है, जो कस्टमर सर्विस में सहज हो, अंग्रेजी अच्छी हो, एनालिटिक माइंड के साथ-साथ कस्टमर की क्वेरी की समझ रखता हो।
मार्केट में सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट की बढ़ती डिमांड को देखते हुए ही आईआईएम और आईएसबी जैसे बिजनेस स्कूल सोशल मीडिया पर कोर्स तैयार कर रही है। वहीं एनआईआईटी एम्पेरिया ने सोशल मीडिया मार्केटिंग पर एडवांस्ड प्रोग्राम की शुरुआत की है।
जॉब प्रोफाइल
-प्रोडक्ट को लॉन्च करना और सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर पर पोस्ट करना।
-कंज्यूमर रिसर्च का उत्तरदायित्व।
-पेज के ट्रैफिक ग्रोथ का ध्यान रखना।
-कंज्यूमर के साथ कम्युनिकेट करना।
-सोशल साइट पर आए प्रतिक्रिया को मोनिटर करना।
पर्सनल स्किल
-किसी भी सब्जेक्ट में गे्रजुएट।
-कंन्यूमर सर्विस में इंट्रेस्ट
-अंग्रेजी का अच्छा नॉलेज
-एनालिटिकल माइंड
डिमांड
-मा फोई के मुताबिक, वर्ष 2012 तक 10,000 लोगों की जरूरत होगी।
-वर्ष 2014 तक मोबाइल पर सोशल नेटवर्क को इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 72 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है।
-भारत में ऑनलाइन सोशल मीडिया यूजर्स की संख्या में 43 फीसदी की बढ़ोतरी। जुलाई 2010 तक यूनिक यूजर्स की संख्या 33 मिलियन थी।
-भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा सोशल मीडिया मार्केट।
सैलरी स्ट्रक्चर
-एंट्री सैलरी 15,000 प्रति माह
-एमबीए स्पेशलिस्ट की एंट्री सैलरी 1-2 लाख प्रति माह