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नेहरू जी को बच्चों से था असीम प्यार
उनके जन्मदिन पर देते ,
लाल,बाल के बीच मनाते थे जन्मदिन,
इसलिए "बाल दिवस "नाम हुआ,सुमन.।।।
,
लिऐ प्रगतिशील शोच,ओज और तेज,
पंचशील नीति,
स्मित हास्य सुशोभित उपर,अधर.।।।
मनहरण व्यक्तित्व के थे धनी,
हीराकुंडबांध का किया निर्माण
कई जन कल्याणी योजना,
कुछ भूल भी हुआ था वह,मानी.।।।
भारत का बटवारा जैसे कुछ कदम,
छबि हुआ था प्रभावित,वह,उत्तम,
फिरभी बनेथे चहेते नेता सुकुमार,
जन्मदिन हुआ "बालदिवस "मनोहर.।।।
हर शिक्षानुष्ठान मनाता "बालदिवस"
बाल,लाल से था अगाध प्यार-सुबास,
आओ हम भी याद करले,महा,माही,
जन्मदिन पे श्रद्धा गुलाब,करते अर्पण.।

