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कटिंग एवं टेलरिंग में महिलाओं का भविष्य


कटिंग एवं टेलरिंग का व्यवसाय महिला व पुरुष दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। देश व विदेश में सिले-सिलाए वस्त्रों की भारी मांग है। यह ऐसा कार्य है जिसमें कुशल कारीगरों की अत्यधिक आवश्यकता होती हे तथा कार्य दुकार का कारखाने के बजाय घर पर भी किया जा सकता है।
यदि घर-परिवार की आर्थिक स्थितियां अधिक साथ न दे रही हों तो आज के युग में युवक-युवतियों के लिए कंटिग एवं टेलरिंग का व्यवसाय ढ़ेर सारे रास्ते शुरू करता है। प्रशिक्षण के बाद चाहें तो आप किसी बड़ी कम्पनी में कारीगर या सुपरवाइजर हो जाएं या फिर स्वयं का अपना उद्यम स्थापित कर लें। थोड़ी-सी पूंजी, सूझ-बूझ, धैर्य व मेहनत से धन भी कमाया जा सकता है और लोगों को रोजगार भी दिया जा सकता है।
बेरोजगारी मिटाने के लिए केेंन्द्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा संचालित शिल्पकार योजना के तहत दस्तकार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहें हैं। शिल्पकार योजना के अंतर्गत ही प्रत्येक  राज्य में उसकी आवश्यकतानुसार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई.टी.आई.) स्थापित किए गए हैं। इन्ही में कटिंग व टेलरिंग का पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इसमें प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया जून-जुलाई माह में आरम्भ होती है तथा आवेदक को 10+2 शिक्षा पद्धति के तहत आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। लेकिन 10+2 पद्धति के दसवीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है। आयु सीमा अमूमन 14 से 22 वर्ष हैं तथा आयु सीमा में छूट का प्रावधान अलग-अलग हैं।
इसी तरह महिला पॉलीटेनिक संस्थानों में टेक्सटाइल डिजाइन, काँस्ट्यूम डिजाइन एवं ड्रेस मेकिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह पाठ्यक्रम दो से तीन वर्ष की अवधि का है। आवेदक को 10+2 शिक्षा पद्धति के तहत दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। उम्र सीमा अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। आवेदन प्रकिया जून-जुलाई माह में आरम्भ होती है।
भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के अधीन कार्यरत रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा महिला व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाता है। जिसमें ड्रेस मेकिंग का भी पाठ्यक्रम है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य ऐसी महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देना है जो अपने कौशल से कोई उद्यम लगाना चाहती है। यह पाठ्यक्रम उन महिलाओं के लिए भी उपयोगी है जो घर बैठकर खाली समय में काम करके धन कमाना चाहती है।
इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए महिला प्रत्याशी को 10+2 शिक्षा पद्धति के अंतर्गत दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। पाठ्यक्रम की अवधि एक वर्ष है। सामान्य आवेदक की उम्र 14 से 25 वर्ष तथा विधवा तथा तलाकशुदा महिलाओं की उम्र 35 वर्ष होनी चाहिए। यह पाठ्यक्रम संस्थान के निम्र क्षेत्रीय संस्थानों में उपलब्ध हैं:
1. क्षेत्रीय महिला व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान, काशीनाथ स्ट्रीट, दादर (पश्चिम), मुंबई-400028
2. क्षेत्रीय महिला व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान, हासूर रोड़ बंगलौर-560029
3. क्षेत्रीय महिला व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान, आई.टी.आई. कैम्पस, तरसाली रोड़ बड़ोदरा-390009
4. क्षेत्रीय महिला व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान, नंदा नगर, आई.टी.आई. कैम्पस, इंदौर-452003

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